जल्द ही पहली उड़ान भरेगा भारत का पहला मानव रहित लड़ाकू विमान, अब खैर नही चीन-पाकिस्तान की।

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जल्द ही भारत बना लेगा अपना खुद का मानव रहित जंगी जहाज घर पर बैठ कर आतंकवादियों को मारने में सक्षम होगा भारत।

आज पूरे विश्व में ताकतवर बनने की होड़ लगी हुई है और अपने पड़ोसियों को अपनी शक्तियों से दबाव में लाने का प्रयास हर कोई देश आज कर रहा है जैसे की भारत का पडोसी दुश्मन देश चीन, चाइना की ये फिदरत है कि वह छोटे देशों पर दबाव बनाता है और उनकी जमीन या जल क्षेत्र में कब्जा करते हुए आगे बढ़ता जाता है इसे विस्तारवादी नीति कहा जाता है मोदी सरकार के आने से पहले करीब 60 साल कांग्रेस नें यही दबाव झेला ओर भारत के लेह – लदाख,अरुणाचल का हिस्सा चीन से जंग में हार गए ।

यह सब चीन की बड़ी सेना उनके उन्नत किस्म के हथियार और भारत में कांग्रेस राज के समय डरकर रहने वाली नीति जिसे कांग्रेस शांती का नाम देती आयी है इन सबकी वजह से हुआ लेकिन जैसे ही मोदी सरकार सत्ता में 2014 में आई मोदी सरकार ने पडोसी दुश्मन देशों के खिलाफ काम किये जिसमे चीन के बॉर्डर तक रेल,सड़क पहुंचाना भारत की सेनाओं को जंगी जहाज हथियार उपलब्ध करवाना ओर सबसे बड़ी बात सेना को खुली छूट देना।

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इन्हीं सभी बातों को देखते हुए मोदी सरकार ने भारत की सेनाओं के लिए बनाए जाने वाले ड्रोन को विकसित करने में खास रुचि दिखाई जिसकी मदद से भारत घर में बैठे बैठे चीन पाकिस्तान पर हमला कर सकेगा इस प्रोजेक्ट को नाम दिया गया प्रोजेक्ट ओरा ,सूत्रों के मुताबिक सरकार 2,650 करोड़ रुपये की ‘घातक’ परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत मानवरहित कॉम्बेट ड्रोन तैयार किए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय की ओर से इस योजना को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है और अब मोदी जी की भाजपा सरकार इसे जल्द से जल्द उड़ान भरता हुआ देखना चाहती है

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इसके पूरा होने के बाद इस ड्रोन का नाम ओरा से घातक कर दिया जाएगा डीआरडीओ-एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट मिलकर काम कर रहे हैं

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– इस प्रोजक्ट पर डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी मिलकर काम कर रहे हैं। जल्द ही इसके बेहतर नतीजे सामने आने वाले हैं

– इसे पूरी तरह देश में ही तैयार किया जा रहा है। घातक का एयफ्रेम डिजाइन करने में एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी ने आईआईटी कानपुर की मदद ली है। शुरुआती डिजाइन तैयार हो चुके हैं। जिनमें से किसी एक को फाइनल किया जाएगा ओर्र आगे का काम किया जाएगा

पढ़ें घातक ड्रोन की खासियत।

★ यह हवा में हवा में सुपरक्रूज़ करने में सफल होगा जिस से यह विमानों को धोखा दे पाएगा।

★ यह 30,000 फिट की ऊंचाई तक उड़ने में सक्षम होगा।

★ यह रडार पर पकड़ा नही जाएगा क्योंकि इसे बनाया ही इसी तरह जाएगा मतलब यह स्टेल्थ होगा ।

★ यह मिसाइल,बम्ब, ओर गाइडेड हथियार ले जाने में सक्षम होगा।

★ यह पूरी तरह से स्वदेशी होगा इसमें इंजन भी भारतीय लगेगा मतलब भारत इसके किसी भी कार्य के लिए किसी दूसरे देश पर निर्भर नही होगा।

डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी का कहना है की यह प्रोजेक्ट अब आमने अंतिम चरण में है यह 2019 तक बनकर तैयार हो जायेगा और उसक बात एक साल तक इसके सभी टेस्ट पुरे कर लिए जायंगे उसके बात करीब 2022 तक इसकी डिलवरी भारतीय वायुसेना को चालू कर दी जाएगी.