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सुप्रीम कोर्ट नें कहा राफेल सौदे में घोटाला नही, राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले को भी नही मानते

सुप्रीम कोर्ट और दूसरे तथ्यों को अगर देखा जाए तो राफेल (RAFALE) जहाज सौदे में किसी प्रकार का कोई घोटाला नही है. ऐसा लगता जैसे Congress अपने किये गए घोटालों को छुपाने के प्रयास कर रही है.

भारत के राजनीतिक इतिहास की अगर बात की जाए तो, भारत पर सबसे ज्यादा राज करने वाली पार्टी का नाम है, “गांधी परिवार की कांग्रेस पार्टी” जिसने करीब भारत की जनता पर 65 साल राज किया. आजादी के बाद भारत का एक रुपिया एक अमरिकी डॉलर (American Dollar) के बराबर हुआ करता था. लेकिन Congress नें भारत पर राज करते-करते भारतीय रुपये को डॉलर के मुकाबले करीब 65 रुपये तक गिरा दिया.

अगर देश के बड़े घोटालों का नाम लिया जाए तो वो कांग्रेस पार्टी के राज में ही हुए हैं. इन घोटालों में कहीं ना कहीं कांग्रेस पार्टी का हाथ नजर आ ही जाता है. Congress के राज में 2जी,कोल घोटाला,कॉमनवेल्थ घोटाला करीब लाखों करोड़ों घोटाले हुए, और आज कांग्रेस पार्टी की नेता Sonia Gandhi और उनका बेटा Rahul Gandhi दोनों ही अगस्ता वेस्टलैंड के 125 करोड़ के हेलीकॉप्टर घोटाले में बेल पर बाहर हैं, और कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं.

कांग्रेस अपने राज में वायुसेना को जहाजों की कमी को पूरा करने में नाकाम रही.

गांधी परिवार की कांग्रेस सरकार में 2013 से पहले करीब 10 साल राज किया, लेकिन इन 10 सालों में भारत की सेना मजबूत होने की बजाए कमजोर होती गयी. उस दौरान देश की वायुसेना अध्यक्ष नें रक्षा मंत्री “एके एंटिनी” को सेना में हो रही जंगी जहाजों की कमी के बारे में बताया और कुछ नए जहाजों की खरीद की बात की, लेकिन उस समय रक्षा मंत्री नें आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए जहाज ना खरीद पाने की असमर्थता जताई पर उसके बाद कांग्रेस नें फ्रांस से राफेल (RAFALE) नामक जहाज खरीदने पर बात चलाई, पर 10 साल लंबे कार्यकाल में इसकी डील को पूरी नही कर पाए.

2014 में Bhajapa सरकार नें सेना को जल्द से जल्द जहाज देने प्रयास किया.

2014 में भारत में भाजपा की मोदी सरकार आई और मोदी जी से देश की वायुसेना अध्यक्ष नें मुलाकात की और जहाजों को डिमांड की, मोदी जी नें सेना अध्यक्ष को भरोसा देते हुए एक बार में कम से कम 2 सकॉड्र्न करीब 36 जहाज खरीदने की बात की, ताकि सेना को एक बार के लिए कुछ जहाज तो मिलें. इस डील को भाजपा की सरकार नें 59000 हजार करोड़ में सीधा फ्रांस सरकार से किया ताकि इसके बीच में दलाली ना हो सके जो जहाज जल्दी मिल सके.

कांग्रेस का कहना है कि उन्होंने नें इस जहाज को करीब 550 करोड़ में एक जहाज खरीदने के लिए फ्रांस सरकार को मना लिया था, और 126 जहाजों का सौदा किया था. यह भारत में ही बनाये जाने थे, लेकिन राफेल मोदी सरकार ने खरीदा है वो करीब 1500 करोड़ में एक जहाज आ रहा है. पर यहां सोचने वाली बात है कि कांग्रेस अब तक इस मामले में फ्रांस के साथ हुई डील में कोई पुख्ता सबूत नही दे पाई . 10 साल में कांग्रेस डील को पूरा क्यो नही कर पाई ? मोदी जी ने इस डील को 3 साल के बहुत कम समय में कैसे पूरा कर दिया?

राहुल गांधी अब इसे घोटाला बता रहे हैं लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नही है जो साबित हो चुका है

 
● कांग्रेस के राज में 10 साल तक जहाज की कीमत पर बात चली हो सकता है, कांग्रेस ने इस जहाज की क़ीमत 550 करोड़ लगाई हो, लेकिन जब तक सौदा पूरा ना हो तो उस की कीमत कुछ भी लगाओ वो मान्य नही होगी .
 
● अगर 126 जहाज करीब पर जहाज 550 करोड़ रुपये में मिल रहे थे, तो कांग्रेस सौदे में नाकाम क्यों हुई? वो भी 10 साल की सरकार में?
 
● कांग्रेस नें इस सौदे को दलालों के जरिए करने का प्रयास क्यों किया सीधा सौदा फ्रांस की सरकार से क्यों नही किया?
 
● राफेल जहाज जो कांग्रेस लेने वाली वो एक दम खाली बिना किसी हथियार और बदलाव के मिलने वाला था, लेकिन जो मोदी सरकार नें सौदा किया, उसमें राफेल हथियारों के साथ और करीब भारतीय सेना के लिए 15 बदलावों के साथ आएगा इसी वजह से कीमत बढेगी जहाज की.
 
● सौदा ना कर पाने के कारण बहुत सालों तक सौदा ना होने कारण जहाज महंगा हुआ, क्योंकि समय के साथ साथ महंगाई भी बढ़ती है.
● भाजपा की केंद्र सरकार नें सुप्रीम कोर्ट को जहाज की डील की सभी जानकारियां दी, सुप्रीम कोर्ट नें जांच के बाद राफेल सौदे में किसी प्रकार का घोटाला होने से साफ इनकार कर दिया.
 
राफेल जहाज बनाने वाली कंपनी डिसॉल्ट नें भारत जी कम्पनी H.A.L को इस डील में शामिल इसलिए नही किया क्योंकि H.A.L सुखोई जहाज ओर तेजस जहाज बनाने के प्रोग्राम में 3 से 5 साल तक देरी से पहले ही चल रही है .

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