BSF जवानों को मिलने वाले खाने पर सवाल उठाने वाले जवान “तेज बहादुर” की जिंदगी में हुई ये घटना

BSF जवानों को मिलने वाले खाने पर सवाल उठाने वाले जवान “तेज बहादुर” की जिंदगी में हुई ये घटना

भारत की सेना में चाहे BSF हो या NDRF या आर्मी कोई भी जवान, भारत देश की रक्षा के लिए किसी न किसी प्रकार से योगदान देता है.

पूरी दुनिया जानती है कि भारत की आर्मी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है. ताकत के मामले में भारत की आर्मी पूरी दुनिया में नंम्बर 4 पर काबिज है. भारत में आर्मी के जवान को हर प्रकार की सहूलियत भी प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध रहती है. भारत की आर्मी में अलग-अलग प्रकार के हालातों से निपटने के लिए अलग-अलग दल और रैंक बनाये गए हैं. जिनमें NDRF,SDRF आपातकालीन स्थिति जैसे बाढ़, तूफान, भूकम्प आदि की स्थिति में लोगों को बचाने का काम करती है. BSF का काम ज्यादातर बॉर्डर पर गश्त करना होता है. ARMY का काम होता है जंग जैसे हालातों से निपटने का.

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करीब 2 साल पहले एक मुद्दा सामने आया था, जो एक BSF के जवान नें उठाया था. इसे एक “तेज बहादुर यादव” नामक जवान नें उठाया था. तेज बहादुर नें फेसबुक पर लाइव होते हुए दिखाया कि, उन्हें घटिया खाना परोसा जा रहा है. तेज बहादुर उस समय किसी बर्फीले इलाके में मोर्चे पर तैनात थे, उस दौरान उन्होंने वीडियो में दिखाया कि उन्हें सूखी रोटी और दाल परोसी जा रही है, हालांकि उस विडीयो में दाल के साथ चिकेन भी बना हुआ दिखाई दे रहा था. पर यह भी हो सकता है कि तेज बहादुर शाकाहारी हों. उस दौरान भारत की देश विदेश में बहुत किरकिरी हुई थी.

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इस घटना के बाद तेज बहादुर को उसके पद से बर्खास्त कर दिया गया. क्योंकि, सेना में ड्यूटी पर रहते हुए फेसबुक पर लाइव हो जाना बहुत बड़ा उलंघन है. और जिस प्रकार से तेज बहादुर नें जवानों को मिल रहे खाने पर सवाल उठाया, वो एक दम से गलत तरीका था. सेना में हर जवान को अपनी बात रखने के लिए हर प्रकार सोर्सेस उपलब्ध करवाए जाते हैं. इसके बाद जब जांच की गई तो तेज बहादुर की बात एक दम गलत और बेबुनियाद निकली, तेज बहादुर को दिमागी तौर पर बीमार भी बताया गया. जिसके बाद से वो सेना से बाहर ही हैं.

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इस घटना के बाद से तेज बहादुर बहुत दुखी थे और इसके ठीक 2 साल बाद ही तेज बहादुर को जिंदगी में एक और दुःखद हादसा हो गया. उन्होंने नें अपना 22 साल का जवान बेटा खो दिया. उनके बेटे का नाम “रोहित यादव” था. तेज बहादुर कुंभ मेला देखने के किये प्रयागराज गए हुये थे, और इस दौरान उनको पुलिस नें कॉल करके उन्हें सूचना दी कि आपके बेटे नें आत्महत्या कर ली है.

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उनके बेटे रोहित का कमरा अंदर से बंद था, और उसके बिस्तर के एक तरफ पिस्तौल गिरा हुआ था. रोहित की गोली लगने मौत हो चुकी थी. पुलिस को इसमें आत्महत्या का शक है लेकिन पुलिस हर प्रकार की जांच कर रही है, और रोहित की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भी भेज दिया गया, तथा पिस्तौल की जांच भी की जा रही है.

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