सांकेतिक तस्वीर
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33 सालों से कुंभ मेले में ‘मुल्ला जी’ जा रहे हैं, लेकिन इन्हें कभी डर नही लगा, मिलता है साधुओं से प्यार

अपने आप को सुर्खियों में रखने के लिए देश में बहुत बड़े-2 कलाकार और राजनेता आजकल हर रोज बयान देते हैं, हमे मुसलमान होने से डर लगता है, हमें मारा जा रहा है.

भारत मे 2014 में भाजपा की सत्ता आने के बाद, भारत में जिन सरकारों नें पहले राज किया है, वो बुरी तरह से बौखला चुकी हैं. उनके पास विरोध करने के कोई ठोस कारण नही रह गए हैं. आये दिन वो कोई ना कोई झूठा मामला बनाकर, देश की जनता को पागल बनाने के प्रयास कर रहे हैं. देश की बडी संस्थाओं का अपमान करने में वो पार्टियां सबसे आगे हैं जैसे कि सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग, इनके फैसलों के सीधा-सीधा खिलाफ होने का काम आज वो लोग कर रहे हैं.

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इसके इलावा देश के नेताओं और बॉलीवुड के पाकिस्तान परस्त कलाकारों को, एक झूठ को तेजी से फैलाने के लिए तेजी से काम करना पड़ रहा है. वो झूठ है, ” देश में मुसलमानों को मारा जा रहा है” , “हमें इस देश रहना सुरक्षित नही लगता, लेकिन अगर ऐसा है तो भारत देश में मुसलमानों की जनसंख्या इतनी तेजी से कैसे बढ रही है? भारत के हर राज्य में गली-मोहल्लों में रहने वाले मुसलमानों को डर क्यों नही लगता? यह डर सिर्फ बॉलीवुड के बड़े कलाकारों को और राजनेताओं को क्यों लगता है? असल में एक राजनेता के डर पीछे एक खास वर्ग का वोट बैंक होता है और अभिनेता के डर के पीछे अपनी फिल्म को सुर्खियों में लाना होता है.

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इन सब नेता-अभिनेताओं के मुह पर तमाचा मारा है उत्तरप्रदेश 76 साल के मोहम्मद महमूद नें, जो 33 साल से कुंभ मेले में लाखों नागा साधुओं के बीच बड़े प्यार से रह रहे हैं.

महमूद उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर से हैं. महमूद करीब 30 साल से कुंभ मेले में नागा साधुओं के टेंट को रोशनी देने का काम करते आ रहे हैं. कुंभ मेला पूरे विश्व का सबसे बड़ा मेला माना जाता है. यहां करीब 10-12 करोड लोग मेले में घूमने आते हैं और मां गंगा के दर्शन करते हुए वहां स्नान करते हैं. वहां होते हैं ‘जूना अखाड़े’ इन अखाड़ों के बड़े-बड़े नागा साधू, लाखों की संख्या में दर्शन करने आते हैं. मेला पूरी तरह से भगवामय होता है. इनके ठीक बीच में रहते हैं महमूद.

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दरअसल, मोहम्मद महमूद की वहां बिजली की दुकान हैं जिसे वो करीब 33 साल से चलाते आ रहे हैं. उनका यह सफर सन-1986 में चालू हुआ और आज भी जारी ही है. महमूद के साथ जब बात की गई तो उन्होंने नें कहा कि ‘वो सालों से कुंभ में नागा साधुओं के टेंट को रोशनी देने का काम करते आ रहे हैं, नागा साधु उन्हें बुला लेते हैं और वो चले जाते हैं.

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नमाज पढ़ने के लिए अलग से जगह देते हैं.

उनका कहना है कि नागा साधू उन्हें बहुत प्यार देते हैं, वो उन्हें अपने परिवार की तरह मानते हैं. नागा साधु उन्हें प्यार से “मुल्ला जी” कहर पुकारते हैं. जब भी उन्हें नमाज पढ़नी होती है यो साधू उन्हें जगह उपलब्ध करवाते हैं. उनका यह भी कहना है कि वो इस काम में कमाई तो कर ही रहे हैं, लेकिन उन्हें इस पवित्र जगह पर आकर सेवा करना अच्छा लगता है. उनको लाखों नागा साधुओं और करोड़ों हिंदुओ में सिर्फ प्यार मिलता है, ना कि ‘डर, जैसा कि राजनीतिक और बॉलीवुड के लोग झूठ फैला रहे होते हैं.

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